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अंतरराष्ट्रीय

यूएई ने ओपेक छोड़ा, छह दशकों की सदस्यता समाप्त — वैश्विक तेल बाजार में हलचल

संयुक्त अरब अमीरात ने तेल निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) से बाहर निकलने की घोषणा कर दी, जिससे लगभग छह दशक पुरानी सदस्यता समाप्त हो गई। यह कदम वैश्विक ऊर्जा समीकरण को बदल सकता है।

राहुल शर्मा राहुल शर्मा 21 मई 2026, 06:50 AM 1 मिनट में पढ़ें 21 बार देखा
यूएई ने ओपेक छोड़ा, छह दशकों की सदस्यता समाप्त — वैश्विक तेल बाजार में हलचल
ओपेक से यूएई के बाहर निकलने से वैश्विक तेल बाजार प्रभावित होगा।

आबू धाबी, 20 मई। वैश्विक ऊर्जा जगत में बड़ी हलचल मचाते हुए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक से अलग होने की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही समूह के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक की लगभग छह दशक पुरानी सदस्यता समाप्त हो गई।

क्यों लिया यह फैसला

यूएई वर्षों से अपने उत्पादन कोटे को लेकर ओपेक के भीतर असहज रहा है। देश ने अपनी उत्पादन क्षमता में भारी निवेश किया है और वह बाजार हिस्सेदारी बढ़ाना चाहता है, जबकि ओपेक की उत्पादन-कटौती नीति इस महत्वाकांक्षा को सीमित करती रही है। विश्लेषकों के अनुसार, अपनी ऊर्जा नीति पर पूर्ण स्वायत्तता पाना ही इस कदम का मुख्य कारण है।

तेल बाजार पर असर

घोषणा के तुरंत बाद कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया, क्योंकि व्यापारियों ने आपूर्ति की अनिश्चितता का आकलन शुरू कर दिया। यूएई बिना कोटे की बाध्यता के अधिक तेल बाजार में उतार सकता है, जिससे अल्पकालिक रूप से कीमतों पर दबाव बन सकता है। हालांकि बाजार की दीर्घकालिक दिशा ओपेक के बाकी सदस्यों, खासकर सऊदी अरब, की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी।

भारत के लिए मायने

भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है और यूएई उसके प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में से एक है। यदि बाजार में आपूर्ति बढ़ती है और कीमतें नरम पड़ती हैं, तो इससे भारत के आयात बिल और मुद्रास्फीति पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। ऊर्जा विशेषज्ञ इस घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।

आगे क्या

ओपेक की अगली मंत्रिस्तरीय बैठक पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं, जहां शेष सदस्य उत्पादन रणनीति की समीक्षा कर सकते हैं। यूएई का यह कदम अन्य सदस्यों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है, जिससे संगठन की एकजुटता और वैश्विक तेल कूटनीति पर लंबे समय तक चर्चा होती रहेगी।

स्रोत: International wire reports
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राहुल शर्मा
द्वारा लिखित
राहुल शर्मा
Senior Political Correspondent

वरिष्ठ संवाददाता, राजनीति और संसदीय कार्य के विशेषज्ञ। दिल्ली ब्यूरो से जुड़े हुए, राष्ट्रीय राजनीति की हर हलचल पर पैनी नज़र रखते हैं।

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