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बुनियादी ढांचे पर बड़ा दांव: सरकार ने 17 लाख करोड़ की 852 परियोजनाओं की पाइपलाइन शुरू की

भारत बुनियादी ढांचे पर रिकॉर्ड निवेश कर रहा है। वित्त मंत्रालय ने मुख्य रूप से सड़क और राजमार्ग क्षेत्र की 852 परियोजनाओं की तीन वर्षीय पाइपलाइन शुरू की है, जिन्हें पीपीपी मॉडल के तहत 17 लाख करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया जाएगा।

अजय राज अजय राज 24 मई 2026, 10:17 AM 1 मिनट में पढ़ें 16 बार देखा
बुनियादी ढांचे पर बड़ा दांव: सरकार ने 17 लाख करोड़ की 852 परियोजनाओं की पाइपलाइन शुरू की
देशभर में राजमार्ग और एक्सप्रेसवे का तेज़ विस्तार (प्रतीकात्मक चित्र)।

नई दिल्ली, 23 मई। भारत अपनी विकास गाथा की रीढ़ — बुनियादी ढांचे — पर अभूतपूर्व निवेश कर रहा है। सरकार ने 2047 तक 30 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य के साथ पूंजीगत व्यय को लगातार बढ़ाया है।

रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय

सार्वजनिक पूंजीगत व्यय वित्त वर्ष 2014-15 के करीब 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2026-27 के बजट अनुमान में 12.2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। हाल ही में वित्त मंत्रालय ने 17 लाख करोड़ रुपये से अधिक की 852 परियोजनाओं की तीन वर्षीय पाइपलाइन शुरू की, जो मुख्यतः सड़क और राजमार्ग क्षेत्र में पीपीपी मॉडल पर आधारित होंगी।

सड़क, रेल और हवाई अड्डे

राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क 2014 के बाद 60% से अधिक बढ़कर 2025 के अंत तक 1,46,572 किलोमीटर हो गया है, जबकि एक्सप्रेसवे 93 किलोमीटर से बढ़कर 5,000 किलोमीटर से अधिक हो चुके हैं। रेलवे का ब्रॉड-गेज नेटवर्क लगभग पूरी तरह विद्युतीकृत है और 160 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं। हवाई अड्डों की संख्या 2014 के 74 से दोगुनी होकर 2025 तक 164 हो गई है।

आगे की राह

विशेषज्ञों का मानना है कि बुनियादी ढांचे में यह निवेश रोजगार सृजन, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी और निजी निवेश को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाएगा। उड़ान योजना के तहत अगले दशक में 120 और हवाई अड्डे जोड़ने की योजना है।

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अजय राज
द्वारा लिखित
अजय राज
Editor-in-Chief

जनजागरण के संस्थापक और प्रधान संपादक। पत्रकारिता में 15+ वर्षों का अनुभव, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर पैनी नज़र।

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