नई दिल्ली, 23 मई। भारत अपनी विकास गाथा की रीढ़ — बुनियादी ढांचे — पर अभूतपूर्व निवेश कर रहा है। सरकार ने 2047 तक 30 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य के साथ पूंजीगत व्यय को लगातार बढ़ाया है।
रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय
सार्वजनिक पूंजीगत व्यय वित्त वर्ष 2014-15 के करीब 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2026-27 के बजट अनुमान में 12.2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। हाल ही में वित्त मंत्रालय ने 17 लाख करोड़ रुपये से अधिक की 852 परियोजनाओं की तीन वर्षीय पाइपलाइन शुरू की, जो मुख्यतः सड़क और राजमार्ग क्षेत्र में पीपीपी मॉडल पर आधारित होंगी।
सड़क, रेल और हवाई अड्डे
राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क 2014 के बाद 60% से अधिक बढ़कर 2025 के अंत तक 1,46,572 किलोमीटर हो गया है, जबकि एक्सप्रेसवे 93 किलोमीटर से बढ़कर 5,000 किलोमीटर से अधिक हो चुके हैं। रेलवे का ब्रॉड-गेज नेटवर्क लगभग पूरी तरह विद्युतीकृत है और 160 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं। हवाई अड्डों की संख्या 2014 के 74 से दोगुनी होकर 2025 तक 164 हो गई है।