बेंगलुरु, 21 मई। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) एक बार फिर बड़ी छलांग की तैयारी में है। अंतरिक्ष एजेंसी मई के अंत तक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह GISAT-1A का प्रक्षेपण करने जा रही है।
GISAT-1A की खासियत
यह उपग्रह भूस्थिर कक्षा (जियोस्टेशनरी ऑर्बिट) से संचालित होगा और भारतीय उपमहाद्वीप की निरंतर निगरानी में मदद करेगा। मौसम, आपदा प्रबंधन और सीमा निगरानी जैसे क्षेत्रों में इसके आंकड़े अत्यंत उपयोगी साबित होंगे।
गगनयान की राह
इसरो के महत्वाकांक्षी गगनयान कार्यक्रम के तहत 2025 और 2026 में कई मानवरहित परीक्षण उड़ानें प्रस्तावित हैं। गगनयान-4 का लक्ष्य भारत को स्वतंत्र रूप से मनुष्य को अंतरिक्ष में भेजने वाला चौथा देश बनाना है।