मुख्य सामग्री पर जाएँ
गुरूवार, 04 जून 2026
जन जागरण
ब्रेकिंग
ऐतिहासिक जनादेश: भाजपा ने पहली बार जीता पश्चिम बंगाल, 294 में से 206 सीटें डब्ल्यूएचओ ने घोषित की वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल: कांगो में इबोला से 130 से अधिक की मौत यूएई ने ओपेक छोड़ा, छह दशकों की सदस्यता समाप्त — वैश्विक तेल बाजार में हलचल चक्रवात सदीम का पश्चिम बंगाल पर कहर: नौ की मौत, हजारों विस्थापित पुतिन का बड़ा बयान: "युद्ध समाप्ति की ओर", ज़ेलेंस्की से मुलाक़ात को तैयार पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत, ममता बनर्जी का 15 साल का शासन समाप्त आखिरी गेंद का रोमांच: आरसीबी ने मुंबई इंडियंस को 2 विकेट से हराकर IPL टॉप किया एंथ्रोपिक का "क्लॉड मायथोस" सार्वजनिक रिलीज़ के लिए "बहुत खतरनाक" करार, सिर्फ चुने पार्टनर्स को मिला Canvas/Instructure पर बड़ा साइबर हमला, 8,800 शिक्षा संस्थानों का डेटा प्रभावित WHO ने क्रूज़ शिप पर हंतावायरस का क्लस्टर पुष्ट किया: 8 मामले, 3 मौतें
टेक्नोलॉजी

इसरो की नई उड़ान: मई के अंत तक GISAT-1A का प्रक्षेपण, गगनयान-4 से मानव अंतरिक्ष मिशन की तैयारी

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) मई के अंत तक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह GISAT-1A का प्रक्षेपण करने की तैयारी में है। वहीं गगनयान कार्यक्रम के तहत 2026 में भारत स्वतंत्र रूप से मानव को अंतरिक्ष भेजने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

अजय राज अजय राज 21 मई 2026, 03:14 PM 1 मिनट में पढ़ें 12 बार देखा
इसरो की नई उड़ान: मई के अंत तक GISAT-1A का प्रक्षेपण, गगनयान-4 से मानव अंतरिक्ष मिशन की तैयारी
इसरो के आगामी मिशन भारत की अंतरिक्ष क्षमता बढ़ाएंगे (प्रतीकात्मक चित्र)।

बेंगलुरु, 21 मई। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) एक बार फिर बड़ी छलांग की तैयारी में है। अंतरिक्ष एजेंसी मई के अंत तक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह GISAT-1A का प्रक्षेपण करने जा रही है।

GISAT-1A की खासियत

यह उपग्रह भूस्थिर कक्षा (जियोस्टेशनरी ऑर्बिट) से संचालित होगा और भारतीय उपमहाद्वीप की निरंतर निगरानी में मदद करेगा। मौसम, आपदा प्रबंधन और सीमा निगरानी जैसे क्षेत्रों में इसके आंकड़े अत्यंत उपयोगी साबित होंगे।

गगनयान की राह

इसरो के महत्वाकांक्षी गगनयान कार्यक्रम के तहत 2025 और 2026 में कई मानवरहित परीक्षण उड़ानें प्रस्तावित हैं। गगनयान-4 का लक्ष्य भारत को स्वतंत्र रूप से मनुष्य को अंतरिक्ष में भेजने वाला चौथा देश बनाना है।

चुनौतियां और हौसला

इस वर्ष की शुरुआत में एनवीएस-02 मिशन में उपग्रह को दीर्घवृत्ताकार कक्षा में स्थापित तो किया गया, पर कक्षा को गोलाकार बनाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बावजूद इसरो की तैयारियां और हौसला बरकरार है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले मिशन भारत की अंतरिक्ष क्षमता को नई ऊंचाई देंगे।

स्रोत: ISRO mission updates
शेयर: Facebook Twitter WhatsApp
अजय राज
द्वारा लिखित
अजय राज
Editor-in-Chief

जनजागरण के संस्थापक और प्रधान संपादक। पत्रकारिता में 15+ वर्षों का अनुभव, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर पैनी नज़र।

के सभी लेख देखें अजय राज →

टिप्पणियाँ (0)

रोज़ की मुख्य खबरों से जुड़े रहें

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें और कोई खबर न चूकें।