देश के आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर अप्रैल में बढ़कर 1.7% हो गई, जिसमें स्टील और सीमेंट उत्पादन का प्रमुख योगदान रहा। यह औद्योगिक गतिविधि में मजबूती का संकेत है।
नई दिल्ली, 20 मई। भारत के आठ प्रमुख बुनियादी उद्योगों (कोर सेक्टर) की वृद्धि दर अप्रैल में बढ़कर 1.7% पर पहुंच गई। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस तेजी में मुख्य रूप से स्टील और सीमेंट उत्पादन में हुई बढ़ोतरी का योगदान रहा।
कोर सेक्टर क्या है
कोर सेक्टर में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट और बिजली शामिल हैं। ये आठ उद्योग औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में लगभग 40% भार रखते हैं, इसलिए इनकी चाल पूरी अर्थव्यवस्था की सेहत का अहम पैमाना मानी जाती है।
किसने दिया सहारा
निर्माण गतिविधियों में तेजी के चलते स्टील और सीमेंट की मांग मजबूत बनी रही, जिसने समग्र वृद्धि को सहारा दिया। बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और आवास क्षेत्र में निरंतर निवेश इन दोनों क्षेत्रों के लिए मांग का प्रमुख स्रोत बने हुए हैं।
व्यापक तस्वीर
आर्थिक एजेंसी इक्रा ने वित्त वर्ष 2027 में घरेलू दोपहिया वाहनों की बिक्री में 3 से 5% वृद्धि का अनुमान जताया है, जो ग्रामीण मांग में सुधार की ओर इशारा करता है। वहीं, बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी समेत प्रमुख सूचकांकों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है, क्योंकि वे आर्थिक संकेतकों और वैश्विक रुझानों का आकलन कर रहे हैं।
आगे की राह
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि मानसून का प्रदर्शन, सरकारी पूंजीगत व्यय और वैश्विक ऊर्जा कीमतें आने वाली तिमाहियों में औद्योगिक वृद्धि की दिशा तय करेंगी। यदि बुनियादी ढांचे पर खर्च की गति बनी रहती है, तो स्टील और सीमेंट क्षेत्र आगे भी वृद्धि के इंजन बने रह सकते हैं।