नई दिल्ली, मई। मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक दिलचस्प शोध सामने आया है, जो अवसाद की जल्द पहचान की दिशा में नई संभावनाएं खोल सकता है।
खून की जांच से सुराग
एक नए अध्ययन के अनुसार, अवसाद को भविष्य में एक साधारण रक्त जांच के जरिए पहचाना जा सकता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि कुछ विशेष प्रतिरक्षा कोशिकाओं (इम्यून सेल्स) के "बूढ़े" होने के तरीके पर नजर रखकर अवसाद से जुड़े संकेत मिल सकते हैं।
यह क्यों मायने रखता है
अवसाद की पहचान आमतौर पर लक्षणों और मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन के आधार पर होती है, जो व्यक्तिपरक हो सकती है। एक वस्तुनिष्ठ जैविक मार्कर (बायोमार्कर) मिलने से बीमारी की जल्द और सटीक पहचान संभव हो सकती है, जिससे समय रहते इलाज शुरू किया जा सके।