चेन्नई/तिरुवनंतपुरम, 4 मई। दक्षिण भारत की राजनीति ने इस बार कई पुराने समीकरण तोड़ दिए। तमिलनाडु और केरल के विधानसभा चुनाव नतीजों ने क्षेत्रीय सत्ता संतुलन को नए सिरे से परिभाषित किया है।
तमिलनाडु: विजय की एंट्री
लोकप्रिय अभिनेता विजय की राजनीतिक पारी ने तमिलनाडु में दशकों से चले आ रहे दो प्रमुख द्रविड़ दलों के दबदबे को चुनौती दी। हालांकि 51 वर्षीय विजय 234 सदस्यीय विधानसभा में 118 के बहुमत के आंकड़े से करीब 10 सीट पीछे रह गए और सरकार बनाने के लिए उन्हें सहयोगियों की जरूरत होगी।
केरल: वाम का अंत
केरल में कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने 140 में से करीब 98 सीटों पर बढ़त बनाई, जबकि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) 35 सीटों पर सिमटता दिखा। इसके साथ ही पांच दशक से चली आ रही वाम राजनीति का एक बड़ा गढ़ ढह गया।