तिरुवनंतपुरम, 4 मई। केरल विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों ने राज्य की राजनीति में बड़ा फेरबदल किया। कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने 140 में से 102 सीटें जीतकर सत्ता पर वापसी की।
एलडीएफ की हार
लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) मात्र 35 सीटों पर सिमट गया। निवर्तमान मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने 5 मई को इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया। कांग्रेस ने अकेले 63 सीटें जीतीं — उसकी 25 वर्षों की सर्वश्रेष्ठ संख्या।
भारत में वामपंथी सरकार का अंत
यह पांच दशकों में पहली बार है जब भारत के किसी राज्य में वामपंथी सरकार नहीं होगी। केरल में 2016 से एलडीएफ की सरकार थी। 1957 में राज्य ने दुनिया का पहला लोकतांत्रिक तरीक़े से चुना गया कम्युनिस्ट सरकार बनाई थी।
हार के कारण
विश्लेषकों के अनुसार एलडीएफ की हार के पीछे मुख्य वजहें थीं: स्वर्ण तस्करी मामला, कथित परिवारवाद (विजयन की बेटी वीणा से जुड़े विवाद), विप्रेषण-आश्रित अर्थव्यवस्था पर बढ़ती चिंता और राज्य के बढ़ते कर्ज़।