कोलकाता, 4 मई। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों ने राज्य की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल दी। भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का 15 वर्षों का शासन समाप्त हो गया।
206 बनाम 80
294 सदस्यीय विधानसभा की 293 सीटों के परिणाम घोषित हुए — फालता विधानसभा सीट पर पुनर्मतदान बाद में होगा। भाजपा ने 206 सीटें जीतीं, जबकि सत्तारूढ़ टीएमसी लगभग 80 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस-वामपंथी गठबंधन को मात्र 7 सीटें मिलीं।
ममता बनर्जी की हार
भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट से निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लगभग 15,000 मतों से हराया। बनर्जी ने पहले इस्तीफा देने से इनकार किया, लेकिन अंततः 6 मई को राज्यपाल के पास इस्तीफा सौंपा।
क्यों हारी टीएमसी
राजनीतिक विश्लेषक टीएमसी की हार के कई कारण गिनाते हैं — आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज त्रासदी, संदेशखाली कांड, बंगाली अस्मिता बनाम बांग्लादेशी "अवैध आव्रजन" का मुद्दा, और बंगाली युवाओं में रोज़गार की कमी। भाजपा ने "विकास+सुरक्षा" मॉडल को आक्रामक तरीक़े से प्रस्तुत किया।