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एंथ्रोपिक का "क्लॉड मायथोस" सार्वजनिक रिलीज़ के लिए "बहुत खतरनाक" करार, सिर्फ चुने पार्टनर्स को मिला

टेस्टिंग में AI मॉडल ने हजारों ज़ीरो-डे कमजोरियों की पहचान की और 83% मामलों में पहली कोशिश में काम करने वाले एक्सप्लॉइट तैयार किए। ऐपल, अमेज़न, जेपी मॉर्गन जैसे लगभग 50 साझेदारों को "प्रोजेक्ट ग्लासविंग" से एक्सेस मिला।

अजय राज अजय राज 10 मई 2026, 12:30 AM 1 मिनट में पढ़ें 1 बार देखा
एंथ्रोपिक का "क्लॉड मायथोस" सार्वजनिक रिलीज़ के लिए "बहुत खतरनाक" करार, सिर्फ चुने पार्टनर्स को मिला
AI चिप पर सुरक्षा का प्रतीक।

सैन फ्रांसिस्को, 7 मई। AI लैब एंथ्रोपिक ने 7 अप्रैल 2026 को क्लॉड मायथोस प्रीव्यू की घोषणा की — एक ऐसा फ्रंटियर मॉडल जिसकी हैकिंग क्षमता को सार्वजनिक रिलीज़ के लिए बहुत खतरनाक माना गया है।

परीक्षण के चौंकाने वाले परिणाम

प्री-रिलीज़ टेस्टिंग में मायथोस ने हज़ारों अज्ञात ज़ीरो-डे कमज़ोरियों की पहचान की। और भी डरावनी बात यह कि 83 प्रतिशत से अधिक मामलों में मॉडल ने पहली कोशिश में ही काम करने वाले एक्सप्लॉइट्स बना दिए। यह उस सीमा को पार करता है जो AI सुरक्षा शोधकर्ताओं ने ख़तरनाक करार दी थी।

"प्रोजेक्ट ग्लासविंग" के तहत सीमित रिलीज़

एंथ्रोपिक ने इसे "प्रोजेक्ट ग्लासविंग" के तहत लगभग 50 चुने हुए पार्टनर्स को रिलीज़ किया — जिनमें ऐपल, अमेज़न, जेपी मॉर्गन चेज़, पालो आल्टो नेटवर्क्स और कई सरकारी एजेंसियां शामिल हैं। प्रत्येक पार्टनर को सख़्त उपयोग समझौते पर हस्ताक्षर करने पड़े।

100 करोड़ डॉलर का सुरक्षा फंड

एंथ्रोपिक ने ओपन-सोर्स सुरक्षा संगठनों को अगले पांच वर्षों में 10 करोड़ डॉलर तक के उपयोग क्रेडिट और 40 लाख डॉलर के नकद दान की प्रतिबद्धता जताई है। CEO डारियो अमोदेई ने कहा, "हमें इस तकनीक के दुरुपयोग को रोकने में सक्रिय भूमिका निभानी है।"

OpenAI की प्रतिक्रिया

मई में OpenAI ने भी GPT-5.5-साइबर लॉन्च किया, जिसकी सीमित प्रीव्यू एक्सेस यूरोपीय संघ की चुनी हुई साइबर सुरक्षा टीमों को दी गई। यह क्षेत्र अब "रक्षात्मक AI" का नया मोर्चा बनता जा रहा है।

नैतिक प्रश्न

विशेषज्ञ चिंतित हैं कि ये मॉडल पारंपरिक साइबर हमलावरों के लिए "ख़ज़ाने का खाका" बन सकते हैं। एमआईटी के AI लैब के प्रोफ़ेसर ने कहा, "एक मॉडल जो 83 प्रतिशत मामलों में काम करता है — वह राष्ट्रीय सुरक्षा चिंता है। केवल कुछ कंपनियों के साथ साझा करना समाधान का हिस्सा है, लेकिन समस्या का संपूर्ण उत्तर नहीं।"

भारत के लिए मायने

भारत के साइबर सुरक्षा प्राधिकरण CERT-In ने अमेरिकी सरकार और एंथ्रोपिक से चर्चा शुरू कर दी है। CERT-In का तर्क है कि "उन्नत AI के लाभ" वैश्विक होने चाहिए, न कि सिर्फ़ कुछ बड़ी कंपनियों तक सीमित।

स्रोत: CNBC
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अजय राज
द्वारा लिखित
अजय राज
Editor-in-Chief

जनजागरण के संस्थापक और प्रधान संपादक। पत्रकारिता में 15+ वर्षों का अनुभव, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर पैनी नज़र।

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