साल्ट लेक सिटी, 11 मई। शिक्षा-तकनीक कंपनी इंस्ट्रक्चर के लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम कैनवस पर एक ऐतिहासिक साइबर हमला हुआ है। हैकर ग्रुप शाइनीहंटर्स ने 3.65 टेराबाइट डेटा — लगभग 27.5 करोड़ रिकॉर्ड्स — चुराने का दावा किया है।
8,800 संस्थान प्रभावित
यह हमला 8,809 विश्वविद्यालयों, शिक्षा मंत्रालयों और संस्थानों को प्रभावित करता है। प्रभावित संस्थानों में हार्वर्ड, स्टैनफ़ोर्ड, MIT, ऑक्सफ़ोर्ड के अलावा भारत के कई IIT और IIM भी शामिल हैं। चुराए गए डेटा में छात्र-शिक्षक के निजी संदेश, असाइनमेंट सबमिशन, ग्रेड और प्रमाणीकरण विवरण शामिल हैं।
रैनसमवेयर का संदेश
7 मई को कैनवस के लॉगिन पेज को रैनसमवेयर संदेश से बदल दिया गया, जिसमें 12 मई के अंत तक भुगतान की मांग की गई थी। दुनिया भर के लाखों छात्र और शिक्षक अचानक अपने अकाउंट से बाहर हो गए, जिससे अंतिम परीक्षाओं और असाइनमेंट जमा करने पर असर पड़ा।
11 मई को अघोषित समझौता
11 मई को इंस्ट्रक्चर ने घोषणा की कि वह हैकर्स के साथ एक अघोषित राशि पर समझौते पर पहुंच चुका है और चुराया गया डेटा नष्ट कर दिया गया है। हालांकि, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ संदेहास्पद हैं कि क्या डेटा वास्तव में नष्ट हुआ है।