मुंबई, 11 मई। भारतीय शेयर बाज़ारों ने पिछले तीन कारोबारी सत्रों में तेज़ गिरावट दर्ज की। 7 मई से शुरू हुए सिलसिले में निफ्टी 2 प्रतिशत से अधिक यानी लगभग 515 अंक गिर गया, जबकि सेंसेक्स 1,950 अंक या 2.5 प्रतिशत टूटा।
क्षेत्रवार गिरावट
आईटी, बैंकिंग और रियल एस्टेट सूचकांकों में सबसे ज़्यादा बिकवाली देखी गई। निफ्टी बैंक 3.2%, निफ्टी आईटी 4.1%, और निफ्टी रियल्टी 3.8% गिरा। फार्मा और एफएमसीजी क्षेत्र अपेक्षाकृत स्थिर रहे क्योंकि निवेशक रक्षात्मक शेयरों की ओर बढ़े।
FPI की लगातार बिकवाली
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने इन तीन सत्रों में लगभग 18,000 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 11,500 करोड़ रुपए की ख़रीदारी से थोड़ी राहत दी, लेकिन वे पूरी तरह FPI निकासी की भरपाई नहीं कर सके।
तनाव और जिओपॉलिटिक्स
गिरावट भारत-पाकिस्तान तनाव की वर्षगांठ की पृष्ठभूमि में आई। हालांकि, विश्लेषक इसे प्रमुख कारण नहीं मानते। उनके अनुसार वैश्विक डॉलर मज़बूती, अमेरिकी 10-वर्षीय यील्ड का बढ़ना, और कच्चे तेल की क़ीमतें इस बार ज्यादा निर्णायक हैं।