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ARTEMIS अध्ययन: झुग्गी बस्तियों में समुदाय+डिजिटल हस्तक्षेप से किशोरों में अवसाद कम

दिल्ली और विजयवाड़ा की झुग्गियों में अपनी तरह का पहला बड़े पैमाने का अध्ययन। 60% मानसिक स्वास्थ्य स्थितियां 35 वर्ष से कम आयु के लोगों को प्रभावित करती हैं।

राहुल शर्मा राहुल शर्मा 08 मई 2026, 07:27 AM 1 मिनट में पढ़ें 1 बार देखा
ARTEMIS अध्ययन: झुग्गी बस्तियों में समुदाय+डिजिटल हस्तक्षेप से किशोरों में अवसाद कम
किशोर परामर्श सत्र।

नई दिल्ली/विजयवाड़ा, मई। ARTEMIS — नई दिल्ली और विजयवाड़ा की शहरी झुग्गियों में किया गया अपनी तरह का पहला बड़े पैमाने का अध्ययन — ने किशोर मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण निष्कर्ष पेश किए हैं।

क्या है ARTEMIS

ARTEMIS (Adolescent Resilience and Targeted Empowerment for Mental Improvement in Slums) ने डिजिटल मानसिक स्वास्थ्य उपकरणों के साथ संयुक्त समुदाय-आधारित हस्तक्षेप के प्रभाव का परीक्षण किया। अध्ययन में 2,400 से अधिक किशोरों को शामिल किया गया।

प्रमुख निष्कर्ष

अध्ययन ने दिखाया कि समुदाय-आधारित हस्तक्षेपों ने डिजिटल मानसिक स्वास्थ्य समर्थन के साथ मिलकर कमज़ोर किशोरों में अवसाद, आत्म-नुकसान और आत्महत्या के जोखिम को महत्वपूर्ण रूप से कम किया। हस्तक्षेप समूह में अवसाद स्कोर 38 प्रतिशत कम हुआ।

भारत की मानसिक स्वास्थ्य चुनौती

ANCIPS 2026 में प्रस्तुत डेटा से पता चला कि भारत में लगभग 60 प्रतिशत मानसिक स्वास्थ्य स्थितियां 35 वर्ष से कम आयु के लोगों को प्रभावित करती हैं। यह "युवा मानसिक स्वास्थ्य संकट" को रेखांकित करता है।

UNICEF के आंकड़े

यूनिसेफ की रिपोर्ट के अनुसार, 18-29 वर्ष के 7.3 प्रतिशत भारतीय मानसिक रुग्णता का सामना करते हैं; 15-24 वर्ष के 7 में से 1 (14%) में अवसाद के लक्षण हैं। महामारी के बाद यह दर तेज़ी से बढ़ी है।

स्कूलों में काउंसलिंग की कमी

शोधकर्ताओं ने नोट किया कि भारतीय स्कूलों और कॉलेजों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं "लगभग पूरी तरह अनुपस्थित" हैं — अक्सर 500 छात्रों पर एक काउंसलर भी नहीं। यह अंतर वंचित समुदायों में और भी गहरा है।

सरकार की प्रतिक्रिया

स्वास्थ्य मंत्रालय ने ARTEMIS मॉडल का अध्ययन करने और इसे राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम का हिस्सा बनाने पर सहमति जताई है। टेली-MANAS हेल्पलाइन का विस्तार और सभी CBSE स्कूलों में अनिवार्य काउंसलर नियुक्ति की भी योजना है।

आगे का रास्ता

अनुसंधान दल अब ARTEMIS को बंगलुरु और कोलकाता में भी विस्तार देने की योजना बना रहा है। उनका अनुमान है कि 2030 तक मॉडल 10 करोड़ युवाओं तक पहुंच सकता है।

स्रोत: Outlook India
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राहुल शर्मा
द्वारा लिखित
राहुल शर्मा
Senior Political Correspondent

वरिष्ठ संवाददाता, राजनीति और संसदीय कार्य के विशेषज्ञ। दिल्ली ब्यूरो से जुड़े हुए, राष्ट्रीय राजनीति की हर हलचल पर पैनी नज़र रखते हैं।

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