नई दिल्ली/विजयवाड़ा, मई। ARTEMIS — नई दिल्ली और विजयवाड़ा की शहरी झुग्गियों में किया गया अपनी तरह का पहला बड़े पैमाने का अध्ययन — ने किशोर मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण निष्कर्ष पेश किए हैं।
क्या है ARTEMIS
ARTEMIS (Adolescent Resilience and Targeted Empowerment for Mental Improvement in Slums) ने डिजिटल मानसिक स्वास्थ्य उपकरणों के साथ संयुक्त समुदाय-आधारित हस्तक्षेप के प्रभाव का परीक्षण किया। अध्ययन में 2,400 से अधिक किशोरों को शामिल किया गया।
प्रमुख निष्कर्ष
अध्ययन ने दिखाया कि समुदाय-आधारित हस्तक्षेपों ने डिजिटल मानसिक स्वास्थ्य समर्थन के साथ मिलकर कमज़ोर किशोरों में अवसाद, आत्म-नुकसान और आत्महत्या के जोखिम को महत्वपूर्ण रूप से कम किया। हस्तक्षेप समूह में अवसाद स्कोर 38 प्रतिशत कम हुआ।
भारत की मानसिक स्वास्थ्य चुनौती
ANCIPS 2026 में प्रस्तुत डेटा से पता चला कि भारत में लगभग 60 प्रतिशत मानसिक स्वास्थ्य स्थितियां 35 वर्ष से कम आयु के लोगों को प्रभावित करती हैं। यह "युवा मानसिक स्वास्थ्य संकट" को रेखांकित करता है।
UNICEF के आंकड़े
यूनिसेफ की रिपोर्ट के अनुसार, 18-29 वर्ष के 7.3 प्रतिशत भारतीय मानसिक रुग्णता का सामना करते हैं; 15-24 वर्ष के 7 में से 1 (14%) में अवसाद के लक्षण हैं। महामारी के बाद यह दर तेज़ी से बढ़ी है।