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भारत में बच्चों में मधुमेह की देखभाल के लिए पहला राष्ट्रीय फ्रेमवर्क जारी

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने "बच्चों में मधुमेह पर मार्गदर्शन दस्तावेज़" 3 मई को जारी किया। 0-18 वर्ष के बच्चों के लिए "4Ts" जागरूकता ढांचा और मुफ़्त इंसुलिन प्रदान।

राहुल शर्मा राहुल शर्मा 08 मई 2026, 07:00 PM 1 मिनट में पढ़ें 2 बार देखा
भारत में बच्चों में मधुमेह की देखभाल के लिए पहला राष्ट्रीय फ्रेमवर्क जारी
बच्चे में ग्लूकोज़ की जांच।

नई दिल्ली, 3 मई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 3 मई 2026 को "बच्चों में मधुमेह मेलिटस पर मार्गदर्शन दस्तावेज़" जारी किया। यह देश का पहला राष्ट्रीय फ्रेमवर्क है जो विशेष रूप से 0-18 वर्ष के बच्चों में मधुमेह की देखभाल पर केंद्रित है।

स्क्रीनिंग से लेकर प्रबंधन तक

दस्तावेज़ बच्चों में मधुमेह की स्क्रीनिंग, निदान, उपचार और दीर्घकालिक प्रबंधन के सभी पहलुओं को कवर करता है। इसमें टाइप-1 और टाइप-2 दोनों मधुमेह के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल हैं — जो भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे में अब तक अनुपस्थित थे।

"4Ts" जागरूकता ढांचा

दस्तावेज़ टाइप-1 मधुमेह के शुरुआती पता लगाने के लिए "4Ts" फ्रेमवर्क को बढ़ावा देता है: टॉयलेट (बार-बार पेशाब), थर्स्टी (अत्यधिक प्यास), टायर्ड (थकान) और थिनर (अस्पष्टीकृत वजन घटना)। इन लक्षणों को पहचानकर माता-पिता तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

निःशुल्क देखभाल पैकेज

सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं पर निःशुल्क देखभाल पैकेज में आजीवन इंसुलिन, ग्लूकोमीटर और टेस्ट स्ट्रिप्स शामिल हैं। यह उन परिवारों के लिए विशेष राहत है जहां बच्चे को टाइप-1 मधुमेह का सामना है — जिसकी आजीवन उपचार लागत 5-7 लाख रुपए तक होती है।

भारत में बढ़ती चिंता

इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के अनुसार, भारत में लगभग 2,30,000 बच्चे और किशोर टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित हैं — विश्व में चीन के बाद दूसरा सबसे ज़्यादा। टाइप-2 डायबिटीज के मामले भी मोटापे और जीवनशैली परिवर्तनों के साथ बढ़ रहे हैं।

शिखर सम्मेलन पर अनावरण

दस्तावेज़ को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा वितरण में सर्वोत्तम प्रथाओं पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में अनावरण किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, "हम अपने बच्चों को मधुमेह की दुनिया का बोझ नहीं उठाने देंगे — रोकथाम और देखभाल हमारी प्राथमिकता है।"

आयुष्मान भारत के तहत एकीकरण

केंद्र सरकार के सूत्रों के अनुसार, मधुमेह देखभाल पैकेज को आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत एकीकृत किया जाएगा, जिससे 50 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंच हो सकेगी।

स्रोत: The Week
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राहुल शर्मा
द्वारा लिखित
राहुल शर्मा
Senior Political Correspondent

वरिष्ठ संवाददाता, राजनीति और संसदीय कार्य के विशेषज्ञ। दिल्ली ब्यूरो से जुड़े हुए, राष्ट्रीय राजनीति की हर हलचल पर पैनी नज़र रखते हैं।

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