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जेन अल्फा के बच्चे रोज़ाना 5+ घंटे स्क्रीन पर, माता-पिता ढूंढ रहे नई सीमाएं

जामा पीडियाट्रिक्स की 100+ अध्ययनों की समीक्षा में पाया गया कि भोजन और दिनचर्या के दौरान स्क्रीन से बचने वाले माता-पिता के बच्चों में बेहतर सामाजिक कौशल और भावनात्मक नियमन था।

अजय राज अजय राज 08 मई 2026, 10:57 PM 1 मिनट में पढ़ें 1 बार देखा
जेन अल्फा के बच्चे रोज़ाना 5+ घंटे स्क्रीन पर, माता-पिता ढूंढ रहे नई सीमाएं
बच्चे स्मार्टफ़ोन देखते हुए।

संयुक्त राज्य अमेरिका, मई। "जेन अल्फा" — 2010 के बाद जन्मे बच्चे — डिजिटल युग की पहली पीढ़ी हैं जिनके पास जन्म से ही टैबलेट और स्मार्टफ़ोन तक पहुंच है। नए डेटा से उनके स्क्रीन-समय की चिंताजनक तस्वीर सामने आई है।

5.5 घंटे का औसत

नवीनतम अध्ययन के अनुसार, आठ साल की उम्र के बच्चे ही औसतन रोज़ाना लगभग 5.5 घंटे स्क्रीन पर बिताते हैं, जो उम्र बढ़ने के साथ और बढ़ता है। यह स्कूल और होमवर्क समय को छोड़कर है।

9 साल में सोशल मीडिया

नौ साल की उम्र तक, 23 प्रतिशत जेन अल्फा रोज़ाना 3-6 घंटे सोशल मीडिया पर बिताते हैं; 46 प्रतिशत इतना समय ऑनलाइन व्यापक रूप से बिताते हैं। YouTube Kids, Roblox और TikTok की मौजूदगी सबसे ज़्यादा है।

माता-पिता की दुविधा

77 प्रतिशत अमेरिकी माता-पिता अपने जेन अल्फा बच्चे को "स्क्रीन एडिक्ट" बताते हैं, लेकिन 85% से अधिक कहते हैं कि तकनीक पालन-पोषण को आसान बनाती है। यह विरोधाभास नई पीढ़ी की पालन-पोषण चुनौतियों को रेखांकित करता है।

एक्सेस का सबसे बड़ा कारण

सोशल प्लेटफॉर्म एक्सेस देने का सबसे प्रमुख कारण "उन्हें मनोरंजन देना" (80 प्रतिशत) है। 65 प्रतिशत माता-पिता कहते हैं कि वे "थकान" की वजह से बच्चों को स्क्रीन पकड़ा देते हैं।

जामा पीडियाट्रिक्स की समीक्षा

100 से अधिक अध्ययनों की जामा पीडियाट्रिक्स समीक्षा में पाया गया कि भोजन और दिनचर्या के दौरान स्क्रीन से बचने वाले माता-पिता के बच्चों में बेहतर सामाजिक कौशल और भावनात्मक नियमन था। शोधकर्ताओं ने "स्क्रीन-मुक्त डिनर" को एक "सरल लेकिन शक्तिशाली" हस्तक्षेप बताया।

विशेषज्ञों की सिफारिशें

अमेरिकन एकेडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक्स की संशोधित गाइडलाइन्स के अनुसार, 2-5 साल के बच्चों के लिए स्क्रीन समय रोज़ाना 1 घंटे से कम और 6 साल से ऊपर के बच्चों के लिए "लगातार सीमाएं" होनी चाहिए। भारत के बाल चिकित्सक संघ ने भी इसी तरह की गाइडलाइन्स जारी की हैं।

स्रोत: SheKnows
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अजय राज
द्वारा लिखित
अजय राज
Editor-in-Chief

जनजागरण के संस्थापक और प्रधान संपादक। पत्रकारिता में 15+ वर्षों का अनुभव, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर पैनी नज़र।

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